रात भर रो न सके



बिखरे अरमानों के मोती हम पिरो न सके
तेरे याद में सारी रात हम सो न सके,
भीग न जाये आँसुओं में तस्वीर तेरी
बस यही सोच कर हम रात भर रो न सके.
रात भर रो न सके रात भर रो न सके Reviewed by Mr X on October 25, 2010 Rating: 5

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