Yaden Shayari, तनहा हो कभी तो...

तनहा हो कभी तो मुझको ढूँढना !
दुनियाँ से नहीं अपने दिल से पूछना !!
आस पास ही कही बसे रहते हैं हम !
यादों से नहीं साथ गुजरे वो लम्हों से पूछना !!
Yaden Shayari, तनहा हो कभी तो... Yaden Shayari, तनहा हो कभी तो... Reviewed by Mr X on April 06, 2011 Rating: 5

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