Yaden Shayari, फिर करने लगा हिसाब...

फिर करने लगा हिसाब जिंदगी का !
ये भी एक जरिया हैं तुम्हे याद करने का !!
यादों के खाख में ढूंढ़ रहा था एक हँसी !
आँखों से भी टपका तो एक कतरा .... !!
Yaden Shayari, फिर करने लगा हिसाब... Yaden Shayari, फिर करने लगा हिसाब... Reviewed by Mr X on April 05, 2011 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.