Mohabbat Shayari, आशिक आँखों ही आँखों में..
आशिक आँखों ही आँखों में बात समझ लेते हैं !
सपनो में मिलने को मुलाकात समझ लेते हैं !!
रोता हैं ये आसमा भी ज़माने के लिए .....
पागल हैं लोग उसे बरसात समझ लेते हैं !!
सपनो में मिलने को मुलाकात समझ लेते हैं !!
रोता हैं ये आसमा भी ज़माने के लिए .....
पागल हैं लोग उसे बरसात समझ लेते हैं !!
Mohabbat Shayari, आशिक आँखों ही आँखों में..
Reviewed by Mr X
on
April 07, 2011
Rating:
No comments: