Mohabbat Shayari, हर आदमी की किश्मत में...

हर आदमी की किश्मत में तस्वीर नहीं होती!
हर किसी की एक जैसी तक़दीर नहीं होती!!
और भी होगे हम जैसे बदनशीब दुनिया में!
जिसके हाथो में मोहब्बत की लकीर नहीं होती!!
Mohabbat Shayari, हर आदमी की किश्मत में... Mohabbat Shayari, हर आदमी की किश्मत में... Reviewed by Mr X on April 06, 2011 Rating: 5

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