Mohabbat Shayari, कसूर ना उनका हैं...

कसूर ना उनका हैं ना मेरा !
हम दोनों ही रिश्तों की रस्में निभाते रहे !!
वो दोस्ती का एहसास जताते रहे !
हम मोहब्बत को दिल में छुपाते रहे !!
Mohabbat Shayari, कसूर ना उनका हैं... Mohabbat Shayari, कसूर ना उनका हैं... Reviewed by Mr X on April 04, 2011 Rating: 5

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