Results for हिंदी शायरी

कभी तो चाँद असमान से उतरे और आम हो जाये

Mr X November 04, 2013
कभी तो चाँद असमान से उतरे और आम हो जाये, तेरे नाम की एक खूबसूरत शाम हो जाये, अजब हालत हुए की दिल का सौदा हो गया, मुहब्बत की हवेली जिस तरह नी...Read More
कभी तो चाँद असमान से उतरे और आम हो जाये कभी तो चाँद असमान से उतरे और आम हो जाये Reviewed by Mr X on November 04, 2013 Rating: 5
मरने पे मजबूर कर देती है मरने पे मजबूर कर देती है Reviewed by Mr X on February 01, 2012 Rating: 5

हसरत है आपको पाने की

Mr X January 18, 2012
हसरत है आपको पाने की , और कोई ख्वाहिस नहीं इस दीवाने की सिकवा तुम से नहीं खुद से है, क्या जरुरत थी आपको इतना खूबसूरत बनाने की. , और कोई ख्वा...Read More
हसरत है आपको पाने की हसरत है आपको पाने की Reviewed by Mr X on January 18, 2012 Rating: 5
हम तोह दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं हम तोह दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं Reviewed by Mr X on March 09, 2011 Rating: 5

तेरी याद को दिल से लगा के रोया

Mr X October 29, 2010
कभी दिल तो कभी शम्मा जला के रोया, तेरी याद को दिल से लगा के रोया, रात की आगोश में जब सो गई सारी दुनिया, ए सनम चाँद को तेरी तस्वीर बना के रोय...Read More
तेरी याद को दिल से लगा के रोया तेरी याद को दिल से लगा के रोया Reviewed by Mr X on October 29, 2010 Rating: 5

रात भर रो न सके

Mr X October 25, 2010
बिखरे अरमानों के मोती हम पिरो न सके तेरे याद में सारी रात हम सो न सके, भीग न जाये आँसुओं में तस्वीर तेरी बस यही सोच कर हम रात भर रो न सके.Read More
रात भर रो न सके रात भर रो न सके Reviewed by Mr X on October 25, 2010 Rating: 5

कफ़न की ख़ामोशी को शमसान क्या जाने

Mr X October 25, 2010
कफ़न की ख़ामोशी को शमसान क्या जाने, महकते हुए चमन को वीरान क्या जाने, क्यों बरसती है ये बदनसीब आखें, इन आंसुओ की कीमत रेगिस्तान क्या जाने.Read More
कफ़न की ख़ामोशी को शमसान क्या जाने कफ़न की ख़ामोशी को शमसान क्या जाने Reviewed by Mr X on October 25, 2010 Rating: 5
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