Dard Shayari, जाने क्या ज़माना...
जाने क्या ज़माना हमसे चाहता हैं !
हर कोई हमें आज़माना चाहता हैं !!
जाने क्या हैं हमारे चेहरे में !
हर कोई हमें हँसा के फिर रुलाना चाहता हैं !!
हर कोई हमें आज़माना चाहता हैं !!
जाने क्या हैं हमारे चेहरे में !
हर कोई हमें हँसा के फिर रुलाना चाहता हैं !!
Dard Shayari, जाने क्या ज़माना...
Reviewed by Mr X
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April 06, 2011
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