दिल तो दिल था समुद्र का साहिल नहीं


वो रूठे इस कदर की मनाया ना गया,
दूर इतने हो गए कि पास बुलाया ना गया,
दिल तो दिल था समुद्र का साहिल नहीं,
लिख दिया नाम तो फिर मिटाया ना गया !
दिल तो दिल था समुद्र का साहिल नहीं दिल तो दिल था समुद्र का साहिल नहीं Reviewed by Mr X on October 27, 2010 Rating: 5

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